अहमदाबाद में बैंक से ₹8.7 करोड़ की बड़ी चोरी: कर्मचारी ने RBI करेंसी चेस्ट से उड़ाए करोड़ों, पुलिस जांच में बड़े खुलासे
गुजरात के अहमदाबाद से बैंकिंग सिस्टम को हिला देने वाली एक बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। एक सरकारी बैंक कर्मचारी पर आरोप है कि उसने कथित रूप से ₹8.7 करोड़ की भारी रकम बैंक की करेंसी चेस्ट से गायब कर दी, जिसके बाद पूरे बैंकिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। यह घटना शहर में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। (The Times of India)
जानकारी के अनुसार, आरोपी बैंक कर्मचारी अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में स्थित एक बैंक शाखा में जूनियर जॉइंट कस्टोडियन के पद पर कार्यरत था। इसी शाखा में एक RBI-linked currency chest भी संचालित होती थी, जहाँ बड़ी मात्रा में नकदी सुरक्षित रखी जाती है। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर बैंक से नकदी को “पुराने लोहे के बॉक्स” हटाने के बहाने बाहर निकाला। पुलिस का दावा है कि जिन बॉक्स को कबाड़ समझकर बाहर ले जाया गया, उनमें करोड़ों रुपये की नकदी छिपाई गई थी। (www.ndtv.com)
बताया जा रहा है कि चोरी का मामला उस समय सामने आया जब बैंक में नियमित निरीक्षण और RBI जांच से पहले करेंसी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया की गई। इसी दौरान अधिकारियों को पता चला कि ₹500 के नोटों की 174 गड्डियाँ, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹8.7 करोड़ थी, रिकॉर्ड से गायब हैं। इसके बाद CCTV फुटेज खंगाली गई और संदेह गहराने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। (India Today)
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने कथित रूप से चोरी के पैसों का इस्तेमाल प्रॉपर्टी खरीदने, वाहन लेने और cryptocurrency में निवेश करने के लिए किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में एक मकान खरीदा, एक दुकान में निवेश किया और कुछ रकम अन्य लोगों को भी दी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी से जुड़े ठिकानों से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया है। (www.ndtv.com)
रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी चोरी के बाद कई महीनों तक बैंक में काम करता रहा ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लगता था कि बैंक का CCTV डेटा कुछ समय बाद स्वतः हट जाएगा, इसलिए वह सामान्य तरीके से नौकरी करता रहा और बाद में मेडिकल लीव का बहाना बनाकर गायब हो गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर उसे ट्रैक कर गिरफ्तार किया। (India Today)
इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा और करेंसी चेस्ट मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का लंबे समय तक गायब रहना internal audit और security monitoring में संभावित कमजोरियों की ओर इशारा करता है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे और चोरी की पूरी रकम कहाँ-कहाँ निवेश की गई। (The Times of India)
Source / Hyperlinks:
- NDTV Full Report – Ahmedabad Bank Employee Steals ₹8.7 Crore
- India Today Report – Ahmedabad Bank Theft Case
- Times of India – Ahmedabad Bank Custodian Arrested